आजमगढ़ : निषाद समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में निषाद समाज का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद से मिला और बरदह के खमौली कांड के मामले में उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की। इसके बाद उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। निषाद समाज के लोगों का कहना है कि बीते चार अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन को लेकर हुई घटना से निषाद, बिंद समाज के लोग काफी मर्माहत है। पुलिस की डर से गांव के लोग घर छोड़कर फरार हो गए हैं। एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा जांच पड़ताल नहीं किया गया। इससे बेटी, बहू, मां व बूढ़े पिता तथा पशु भूखे रहने को विवश हैं। ऐसे हालात में लोगों का जीना दूभर हो गया है। इस घटना में जो भी उपद्रवी तत्व हैं उनके खिलाफ कार्रवाई न होकर निर्दोष लोगों को बेवजह संगीन धाराओं में फंसाया गया है। इसमें 250 लोगों को विभिन्न धाराओं में निरुद्ध किया गया है। ज्ञापन देने वालों में राजेन्द्र प्रसाद निषाद, लुरखुर निषाद, लालमुनि निषाद, जिलाजीत निषाद, सुभाष निषाद, ओमप्राश निषाद ,राजाराम निषाद, रामसमुझ निषाद, राजेन्द्र निषाद, हनुमान निषाद, गांधी निषाद आदि शामिल थे।