लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। रविवार को बनवसवा और शारदा बैराज से दो लाख 65 हजार क्यूशेक पानी छोड़े जाने से समस्या ने विकराल रुप ले लिया है। कटान की समस्या तो कम हुई है, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से लगभग 50 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है जबकि चक्की गांव पानी से घिर गया है। ऐहतियात के तौर पर संबंधित गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है। ऐसे में ग्रामीण िढबरी के सहारे रात गुजारने को विवश हैं। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था नाकाफी है। सगड़ी तहसील के महुला गढ़वल बांध के उत्तर बहने वाली घाघरा नदी का बढ़ाव जारी है। रविवार को बदरहुआ में 72.01 सेमी और डिघिया में 71.17 सेमी जलस्तर रिकार्ड किया गया। शनिवार को बदरहुआ में 71.90 सेमी और डिघिया नाले पर 71.04 सेमी जलस्तर रिकार्ड किया गया था। बदरहुआ का जलस्तर करीब 11 सेमी बढ़ा है जबकि डिघिया का जलस्तर 13 सेमी बढ़ा है। जलस्तर बढ़ने से कटान थमा है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से चक्की गांव पानी से घिर गया है। इससे ग्रामीणों के समक्ष संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इसके अलावा करीब 50 गांवों में पानी घुस गया है। इनमें इस्माइलपुर, रोशनगंज, झनझनपुर, मानिकपुर, हाजीपुर, शाहडीह, भदौरा तालुकानैनी, बूढ़न पट्टी, अजगरा मसरखी, सोनौरा, सराज चौहान, मानिकपुर, देवाराखास राजा के 30 पुरवा खास आदि गांव शामिल हैं। ग्रामीणों के साथ ही पशुओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। उनके चारे की दिक्कत हो गई है। ग्रामीण किसी तरह से बाढ़ के पानी में घुसकर चारे का इंतजाम कर रहे हैं। बाढ़ के कारण क्षेत्र के 18 से 20 परिषदीय स्कूल बंद हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में कुल 37 नाव लगाए गए हैं। तहसीलदार मधूसूदन आर्य ने बताया कि घाघरा का जलस्तर बढ़ा है। करीब 20 गांवों में पानी घुसा है।
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