आजमगढ़ : खेत में चर रही भैंस के करेंट से मृत्यु हो जाने पर स्थायी लोक अदालत ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम को आदेश दिया है कि वह भैंस मालिक को साठ हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ तीन महीने के अंदर अदा करे। पीड़ित कुमार किशोर निवासी ममरखापुर थाना सिधारी ने अपने अधिवक्ता संजय कुमार सिंह के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया। कुमार की एक जुलाई 2011 की शाम लगभग पांच बजे गांव के महेन्द्र तिवारी के खेत में गर्भवती भैंस चर रही थी, तभी वहीं विद्युत खंभे में लगे स्टे वायर की चपेट में आ गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टर ने भी मृत्यु का कारण विद्युत स्पर्शाघात माना। पीड़ित कुमार ने विद्युत विभाग में शिकायत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तब पीड़ित ने अदालत की शरण ली। कोर्ट में दिए गए जवाब में विद्युत सुरक्षा विभाग ने कहा कि विभागीय जांच में यह पाया गया कि भैंस की मृत्यु लापरवाही के चलते हुई है। लेकिन इससे संबंधित क्षतिपूर्ति निर्धारण एवं भुगतान का काम पूर्वाचल विद्युतीकरण निगम लिमिटेड का है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के पश्चात स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रेम बहादुर व दो सदस्यों राजकुमार सिंह व अशोक सिंह ने माना कि भैंस की मृत्यु बिजली विभाग की लापरवाही से हुई है।
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